Wednesday, 29 June 2011

जीवन के रास्ते

हम छोटे बड़े रास्ते हैं
कभी एक दूसरे के समानान्तर चलते
कभी एक दूसरे को काटते, हाथ मिलाते,
गले मिलते अपनी दूरियां बांटते हैं
कभी दूर होते जाते हैं
कभी अपना अस्तितव दूसरे रास्ते को सौंप देते हैं
और जब हमारे अस्तित्व का अंत आता है
पुराने संदर्भों को याद करते हैं।
दूर हो, समानान्तर या पास पास
सदा ही
यात्रा पथ पर जाने वाले पथिक के लिए
हम छोटे बड़े, सीधे, टेढे मेढ़े रास्ते हैं।

No comments:

Post a Comment