Tuesday, 17 October 2017

दीपावली की शुभकामनाएं


मेरे स्नेही मित्रो, शुभचिंतको पाठको
दीपक की बाती जैसे तिलतिल कर जलती है
अपने को जलाकर
दूसरों को प्रकाश देती है
तुम और हम उसी तरह
त्याग, समर्पण, आस्था और
विश्वास की बाती बन
अपनों को, जन-जन को
बांटे आनन्द-उच्छ्वास
देते चलें सभी को प्रकाश
जीवन में छाए उत्कर्ष-हर्ष

                           -स्वदेश भारती

No comments:

Post a Comment