Thursday, 18 September 2014

27वां अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन, अंतर्राष्ट्रीय भाषा साहित्य संगोष्ठी, विशेष हिन्दी प्रशिक्षण कार्यशाला, राजभाषा प्रदर्शनी गोवा, 27-29 अक्टूबर 2014


माननीय

राष्ट्रीय हिन्दी अकादमी, रूपाम्बरा द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्म दिन के उपलक्ष्य में अभी तक 26 अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन 108, अंतर्राष्ट्रीय भाषा साहित्य संगोष्ठियां, 318 विशेष हिन्दी प्रशिक्षण कार्यशालाएं, 112 देश-विदेश के विद्वानों, भाषा विद्, साहित्यकारों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय सम्मान-392, भारत सरकार के मंत्रालयों, विभागों, निगमों, बैंकों, राज्य सरकारों को अकादमी राष्ट्रीय राजभाषा शील्ड सम्मान राजभाषा पत्रिका शील्ड सम्मान प्रदान किए गए। गोवा सम्मेलन में 15 संस्थानों तथा 7 विशिष्ट लेखकों को सम्मानित किया जायेगा। सम्मेलन का उद्घाटन समारोह दिनांक 27.10.14 को अपराह्न 4 बजे- 5.30 बजे होगा जिसका उद्घाटन पश्चिम बंगाल के महामहिम राज्यपाल, विद्वान, भाषाविद् डॉ. केशरीनाथ त्रिपाठी करेंगे। तथा गोवा के माननीय राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं कई अतिविशिष्ट व्यक्ति सम्मेलन के मुख्य अतिथि होंगे। सम्मेलन स्थल पर राजभाषा प्रदर्शनी आयोजित होगी। 100 तथा 200 वर्गफुट के स्टॉल आरक्षित होंगे। जिसका शुल्क रु. 100/- प्रति वर्गफुट है। जो अग्रिम देय होगा।

सम्मेलन तथा राजभाषा प्रदर्शनी का उद्घाटन दिनांक -27.10.2014 को अपराह्न 4 बजे होगा। 6.00 बजे से 7.30 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित है।

दिनांक 28.10.2014 को प्रातः 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक अंतर्राष्ट्रीय भाषा साहित्य संगोष्ठी, विशेष हिन्दी प्रशिक्षण कार्यशाला के पांच सत्र तथा शाम 6 बजे से 7.30 बजे राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन होगा।

दिनांक 29.10.2014 को प्रातः 7.30 बजे से 12.30 बजे गोवा के स्थानीय पर्यटन स्थलों का परिभ्रमण तथा शैक्षणिक खुला सत्र।
दिनांक 29.10.2014 को अपराह्न 3 बजे-4.30 बजे समापन दीक्षान्त-शील्ड समारोह।

सम्मेलन में भारत सरकार के मंत्रालय, विभाग, उपक्रम, निगम, बैंक, राज्य सरकारें, हिन्दी सेवी संस्थाएं, सार्क तथा अन्य देशों, भारत में विदेशी दूतावासों के प्रतिनिधि, मीडिया, संचार माध्यमों के प्रतिनिधि, कई भारतीय भाषाओं के लेखक, विद्वान सादर आमंत्रित हैं।

सम्मेलन-सहभागिता-नामांकन शुल्क श्रेणी रु. 22,850/-  ‘ श्रेणी रु. 19,850/- तथा श्रेणी (साहित्यकारों के लिए) रु. 12,850/- है जिसके अंतर्गत दिनांक 27 से 30 अक्टूबर 2014 तक रिसोर्ट मेरीना डौराडा में कमरे का किराया, चाय, नास्ता, दोपहर, रात का भोजन, शैक्षणिक-पर्यटन, सम्मेलन विशेष हिन्दी प्रशिक्षण कार्यशाला में सहभागिता-फीस, फाइल कवर, पेन, पैड, बैज, प्रतीक चिन्ह, शाल, प्रमाण पत्र आदि उपहार वस्तुएं शामिल हैं। विदेशी सहभागिता शुल्क US $ 2000/- परिवार के लिए 5 वर्ष से ऊपर आयु के प्रति सदस्य रु. 7000/-  अग्रिम देय होगा जिसे बैंक ड्राफ्ट द्वारा दिनांक 15.10.2014 के पहले भेजना अनिवार्य होगा। सहभागीगण अपना नामांकन/यात्रा-विवरण निम्नलिखित पते पर भेजें –

राष्ट्रीय हिन्दी अकादमी, रूपाम्बरा
प्रशासनिक कार्यालय
3, जिब्सन लेन,
कोलकाता-700 069
टेलीफैक्स 033-22135102
Blog-bswadeshblogspot.com





संयुक्त राष्ट्र संघ में हिन्दी को मान्यता

माननीय प्रधान मंत्री जी ने लोकसभा चुनाव के समय सारे देश में घूम घूम कर जनता के सामने अपनी बातें हिन्दी में रखीं। वे विजय हुए। भारत की बागडोर थामी, हिन्दी को माध्यम बनाकर। परन्तु अभी तक हिन्दी को राष्ट्रसंघ की भाषा बनाने के लिए सार्थक कदम नहीं उठाया गया। इसके लिए राष्ट्रसंघ को लगभग 200 करोड़ रुपये देने तथा 172 देशों का समर्थन प्राप्त करने के लिए कारगर कार्रवाई नहीं हुई। राष्ट्रीय हिन्दी अकादमी की ओर से कई बार माननीय प्रधान मंत्री तथा अन्य वरिष्ठ नेताओं से अनुरोध किया गया कि वे हिन्दी को विश्वभाषा बनाने के लिए सघन प्रयास करें जो राष्ट्र के गौरव एवं अस्मिता का प्रश्न है।  

अब माननीय श्री नरेन्द्र भाई मोदी, भारत के माननीय प्रधानमंत्री देश के सर्वांगीण विकास और प्रगति के लिए समर्पित भाव से काम कर रहे हैं। उनसे सादर प्रार्थना है कि जब वे राष्ट्रसंघ महासभा में अपनी बात हिन्दी में रखें तो साथ-साथ विश्वभाषा हिन्दी को राष्ट्रसंघ की भाषा बनाने की घोषणा करें तथा आवश्यक कोश आबंटित करें।

भारत के स्वातंयोत्तर-इतिहास में माननीय प्रधानमंत्री जी का यह उल्लेखनीय एवं ऐतिहासिक कार्य बेहद सराहनीय होगा। जो देश तथा विदेश के सभी भारतीयों को गर्वित करेगा और अंतर्राष्ट्रीय धरातल पर राष्ट्रभाषा हिन्दी को विश्वभाषा के रूप में मान्यता प्राप्त होगी।

-          डॉ. स्वदेश भारती, अध्यक्ष,
   राष्ट्रीय हिन्दी अकादमी 










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